हेलो दोस्तों! क्या आप भी Chhattisgarh Board Varshik Pariksha 8th Hindi Paper 2026: SET 4 कक्षा 8वीं के छात्र हैं और 2026 की वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं? अगर हाँ, तो सबसे ज्यादा डर शायद आपको ‘हिन्दी विषय से ही लग रहा होगा। है ना?
गणित एक ऐसा विषय है जिसमें अगर फॉर्मूले और कॉन्सेप्ट समझ आ जाएं, तो 100 में से 100 नंबर लाना सबसे आसान है, लेकिन अगर तैयारी सही न हो, तो पास होना भी मुश्किल हो जाता है। आपकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए आज के इस आर्टिकल में हम Chhattisgarh Board Board Class 8th hindi Paper 2026 को लेकर पूरी डिटेल शेयर कर रहे हैं।
Chhattisgarh Board Varshik Pariksha 8th Hindi
Paper 2026: SET 4
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सबसे अच्छी बात यह है कि नीचे मैंने आपके लिए हिन्दी का Set-4 मॉडल प्रश्न पत्र (Question Paper) भी दिया है। अगर आप परीक्षा से पहले इस सेट को हल कर लेते हैं, तो आपको परीक्षा के पैटर्न का पूरा अंदाज़ा हो जाएगा।
CG Board 8th Hindi Exam 2026: पेपर कैसा आएगा? (Blueprint)
प्रश्न पत्र हल करने से पहले ये जानना जरूरी है कि बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पूछे कैसे जाते हैं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के अनुसार, 8वीं कक्षा का हिन्दी का पेपर मुख्य रूप से इन हिस्सों में बंटा होता है:
- बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs): 1-1 नंबर के आसान सवाल।
- अति लघु उत्तरीय प्रश्न: 2 या 3 लाइन में हल होने वाले सवाल।
- लघु उत्तरीय प्रश्न: थोड़े बड़े सवाल जिनमें फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है।
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers): 5 या 6 नंबर के बड़े सवाल (जैसे- ज्यामिति, क्षेत्रफल या ब्याज वाले सवाल)।
चलिए अब बिना आपका समय बर्बाद किए सीधे आपके प्रैक्टिस पेपर पर आते हैं।
CGBoard Class 8th Hindi Paper 2026: Chhattisgarh Board Varshik Pariksha 8th Hindi Paper 2026: SET 4
♦ वस्तुनिष्ठ प्रश्न (15 × 1 = 15)
1.1. रसोई घर में समास है—
(अ) तत्पुरुष समास (ब) द्वन्द समास (स) द्विगु समास (द) अव्ययीभाव समास।
उत्तर— (अ) तत्पुरुष समास।
1.2. प्रकोप शब्द का अर्थ है—
(अ) ईर्ष्या (ब) प्रेम (स) क्रोध (द) ममता।
उत्तर— (स) क्रोध।
1.3. ‘नैन अघाने’ का अर्थ है—
(अ) आँखें तृप्त होना (ब) बुरा लगना (स) प्यारा लगना (द) नापसन्द।
उत्तर— (अ) आँखें तृप्त होना।
1.4. आशा का विलोम है—
(अ) निराशा (ब) आशावान (स) आश्रित (द) आस।
उत्तर— (अ) निराशा।
1.5. सड़क सूचना चिह्न होते हैं—
(अ) 3 (ब) 2 (स) 5 (द) 4।
उत्तर— (अ) 3।
1.6. ……….मराठों का सेनापति था।
उत्तर— इब्राहिम गार्दी।
1.7. जादूगर……….स्वभाव का व्यक्ति था।
उत्तर— शांत।
1.8. दीदी की डायरी…….ने पढ़ी।
उत्तर— संजू।
1.9. सरदार का भाव वाचक संज्ञा……है।
उत्तर— सरदारी।
1.10. विपत्ति का समानार्थी……..है।
उत्तर— संकट।
1.11. समानार्थी शब्द लिखिए— (अ) इम्तिहान, (ब) कामयाब।
उत्तर— (अ) इम्तिहान — परीक्षा, (ब) कामयाब — सफल।
1.12. अर्थ लिखिए— (अ) बिसवास, (ब) नवाँ।
उत्तर— (अ) बिसवास — विश्वास, (ब) नवाँ — नया।
1.13. राम भगवान को कितने वर्ष का वनवास हुआ था?
उत्तर— 14 वर्ष।
1.14. पर्यायवाची शब्द लिखिए— फूल।
उत्तर— फूल — पुष्प, सुमन।
1.15. मुहावरों का वाक्य बनाइए— (अ) तिरछी आँखों से घूरना, (ब) हाथ होना।
उत्तर— (अ) तिरछी आँखों से घूरना—
वाक्य— चोर थाने में पुलिस वालों को तिरछी आँखों से घूर रहा था।
(ब) हाथ होना—
वाक्य— सोनू की सफलता के पीछे उसकी माँ का हाथ है।
♦ अति लघु उत्तरीय प्रश्न (6 × 2 = 12)
प्रश्न 2. यह कविता नवयुवकों को क्या सन्देश दे रही है?
उत्तर— यह कविता नवयुवकों को संदेश दे रही है कि देश की प्रगति के लिए उन्हें आगे आकर कठोर परिश्रम करना होगा। उन्हें उत्पादन बढ़ाना होगा तथा आपसी द्वेष मिटाकर परस्पर प्रेम भाव जगाना होगा।
प्रश्न 3. इब्राहिम गार्दी के नजरिए में मुसलमान कौन है?
उत्तर— इब्राहिम गार्दी के अनुसार मुसलमान वह है जो आत्मा से इस्लाम को मानता हो तथा अपने मुल्क के साथ गद्दारी न करता हो।
प्रश्न 4. संजू के पूरे दिन उदासी में बीतने के क्या कारण थे?
उत्तर— संजू की सहेली नीलू की पढ़ाई छूटने वाली थी, क्योंकि नीलू के घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी थी। नीलू संजू के गले लगकर रोने लगी और कहने लगी थी, बहन, पढ़ने का बेहद मन है। पर, क्या करूँ, कोई मेरी बात सुनता ही नहीं। इसलिए संजू पूरे दिन उदास थी।
प्रश्न 5. कुँवर सिंह ने वह कौन-सी शक्ति बताई जिसके बल पर वे भोजपुर के राजा बने थे?
उत्तर— कुँवर सिंह ने अपने साथ भोजपुर के किसानों, मल्लाहों, ग्वालों और रैयतों की शक्ति बनाई जिसके बल पर वे भोजपुर के राजा थे। यही है जिसकी आवाज मेरे गले से निकलती थी और फिरंगी भाग जाते थे, नेत्र के बिना ज्योति कैसी, प्रजा के बिना राजा कैसा इसलिए उनका साथ न छोड़ना।
प्रश्न 6. कवि की नींद अचानक किसी रात को क्यों उचट जाती है?
उत्तर— कवि की नींद अचानक किसी रात इसलिए उचट जाती है, क्योंकि रात में सोते हुए कवि ने हिरोशिमा-नागासाकी नरसंहार का स्वप्न देखा था।
प्रश्न 7. सत्यशोध समाज का क्या उद्देश्य था?
उत्तर— सत्यशोध समाज का एकमात्र उद्देश्य सत्य की खोज में लगने वाला समाज था।
♦ लघु उत्तरीय प्रश्न-I (5 × 3 = 15)
प्रश्न 8. सुधीर पर विश्वास करके श्रीकान्त ने उसमें क्या परिवर्तन लाया?
उत्तर— नाटक में शक्ति सिंह की भूमिका सुधीर पूरी निष्ठा व लगन से करेगा। इस विश्वास पर श्रीकान्त ने सुधीर के स्वभाव में परिवर्तन लाया और साथ ही जिम्मेदारी की भावना पैदा करके उसके व्यवहार में परिवर्तन लाया गया।
प्रश्न 9. कवि ह आजादी ल जम्मो विकास के जर काबर कहे हे? (कवि ने आजादी को सब तरह के विकास की जड़ क्यों कहा है?)
उत्तर— आजादी ह विकास के रद्दा खोलथे। गुलाम मनखे ह अपन मरजी के कोनो काम नई कर सकें। ओ ह पर भरोसा अपने जिनगी गुजारथे। एखरे सेती कवि ह आजादी ल जम्मो विकास के जर कहे हे।
प्रश्न 10. पक्षियों की प्रवास यात्रा हमेशा कठिन और थकाऊ होती है। क्यों?
उत्तर— पक्षियों की प्रवास यात्रा हमेशा कठिन और थकाऊ इसलिए होता है समुद्रों को पार करने में चिड़ियों को काफी समय लगता है वे बिना रुके उड़ते हैं। अक्सर दल बुरे मौसम आँधी, अंधड़ आदि में फँस जाते हैं, विशेष रूप से, जब वे जमीन पर उड़ रहे होते हैं। ऐसे में बहुत-सी चिड़ियाँ मर जाती हैं।
प्रश्न 11. युद्ध क्यों होते हैं? इनके कारणों पर विचार कीजिए और कारणों को बिन्दुवार लिखिए।
उत्तर— विभिन्न देशों के मध्य आपसी तालमेल की कमी ही युद्ध को जन्म देती है। युद्ध के निम्नलिखित कारण हो सकते हैं—
* सीमा विवाद या जमीन विवाद, 2. आतंकवादी गतिविधियाँ, 3. मानवीय मूल्यों की अनदेखी, 4. मानवीय संवेदनाओं का अभाव, 5. व्यक्तिगत स्वार्थ में वृद्धि।
प्रश्न 12. सावित्री बाई फुले ने महिलाओं के लिए प्रतिबंधक गृह, विधवाओं के लिए आश्रम, नवजात शिशुओं के लिए आश्रम खोला। यदि आपको समाज सुधार के कार्य करने होंगे, तो आप क्या-क्या करना चाहेंगे?
उत्तर— यदि हमें समाज सुधार कार्य करने होंगे तो हम लोगों को नशा मुक्ति के बारे में जागरूक करेंगे। आज नशा के बढ़ते प्रवृत्तियों के कारण अनेक अपराध हो रहे हैं। बच्चे से लेकर बूढ़े तक विभिन्न प्रकार के नशे में लिप्त हैं। इसी तरह महिलाओं पर हो रहे दैहिक शोषण घरेलू हिंसा एवं अत्याचार को रोकने के लिए लोगों को जागरूक करेंगे। गाँव-गाँव जाकर शिक्षा के महत्व को बताएँगे तथा जो भी बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं उन्हें स्कूल में दाखिला कराएँगे। पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करेंगे। ज्यादा-से-ज्यादा पेड़ लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करेंगे।
♦ लघु उत्तरीय प्रश्न-II (4 × 4 = 16)
प्रश्न 13. लेखक के जादूगर बनने का सपना कैसे टूट गया?
उत्तर— लेखक ने देखा जादूगर अपने बेटे को डाँट रहा था कि पैसे की इस कदर तंगी है और तू लड्डू खरीदकर पैसे फूँक आया मैले-कुचैले कपड़ों में टूटी खाट पर पड़े उस जादूगर को रुपए के लिए रोता देखकर लेखक दंग रह गया। जादूगर की वास्तविकता देखकर जादूगर बनने का सपना टूट गया।
प्रश्न 14. थकावट के दुःख से भी अधिक दर्द या मर्माहत अभिमान का लेखक द्वारा इस तरह कहे जाने का क्या कारण हो सकता है?
उत्तर— थकावट के दुःख से भी अधिक दर्द या मर्माहत अभिमान का लेखक द्वारा इस तरह कहे जाने का कारण है कि दिनभर पैदल यात्रा के बाद लेखक थके हुए उन्हें हेडमास्टर से उम्मीद थी कि वह रात में विश्राम करने देंगे, किन्तु हेडमास्टर जी ने विश्राम करने की अनुमति नहीं दी और उन्हें धर्मशाला भेज दिया। लेखक को थकान के कारण जितना दुःख हो रहा था उससे अधिक पीड़ा भीतर के आहत अभिमान की थी।
प्रश्न 15. राम के वन गमन के प्रसंग में किन्नरों के बारे में किस कथा का वर्णन मिलता है?
उत्तर— त्रेतायुग में श्री राम 14 साल के लिए वनवास जा रहे थे तब अयोध्यावासी सरयू नदी तक उन्हें छोड़ने आए थे। नदी के तट पर श्रीराम 14 साल बाद उन्हें फिर से मिलने का आश्वासन देकर वापस घर जाने का निर्देश दिया। कहा जाता है राम की आज्ञा पाकर किन्नरों को छोड़कर सभी नर-नारी वापस लौट आए थे। 14 साल बाद जब श्रीराम वापस आए तो उन्होंने देखा कि सरयू के तट पर कई किन्नर उनका इंतजार कर रहे हैं जब उन्होंने इसका कारण पूछा तो किन्नरों ने बताया कि 14 साल पहले आपने केवल नर और नारी को ही वापस लौटने की आज्ञा दी थी सो वो लौट गए। हम किन्नर हैं अतः हम यही रुक गए और आपका इंतजार करने लगे राम के वन गमन के समय हमें यह कथा का वर्णन मिलता है।
प्रश्न 16. लोकप्रिय बनने के लिए आपको क्या करना होगा?
उत्तर— लोकप्रिय बनने के लिए हमें वाणी की कठोरता को त्यागना होगा। तीखे शब्दों के प्रयोग से बचना होगा तथा वाणी की कर्कशता को सुधारना होगा। अपनी वाणी में मिठास घोलकर बातचीत करना होगा अन्यथा लोकप्रिय बनने का सपना अधूरा ही रह जाएगा।
♦ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-I (2 × 5 = 10)
प्रश्न 17. दिए गए पद्यांश में से किसी एक पद्यांश का सन्दर्भ प्रसंग सहित व्याख्या कीजिए।
> पंकज कोस में भृंग फस्र्यो, करतौ अपने मन यों मनसूबा।
> होइगो प्रात उगैंगो दिवाकर, जाऊँगो धाम पराग लै खूबा॥
> ‘बेनी’ सो बीच ही और भई, नहिं काल को ध्यान न जान अजूबा।
> आय गयंद चबाय लियौ, रहिगो मन-ही-मन यों मनसूबा॥
>
उत्तर— सन्दर्भ— प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ भारती’ के ‘ब्रज-माधुरी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके कवि बेनी जी हैं।
प्रसंग— इस पद्यांश में कवि ने कमल कोश में फँसे भौंरे के माध्यम से जीवन की नश्वरता को बताया है।
व्याख्या— सूर्यास्त होने पर, कमल-दल के संकुचित हो जाने पर एक भौंरा उसके कोश में फँस गया। वह मन-ही-मन इस प्रकार सोचने लगा कि कल प्रातः जब सूर्योदय होगा और कमल पुनः विकसित हो जाएगा तो मैं बहुत-सा पराग लेकर अपने घर चला जाऊँगा, अर्थात् उड़ जाऊँगा। बेनी कवि कहते हैं कि इसी बीच एक और ही घटना घट गई। इसमें कोई अचरज नहीं कि इस भौंरे को काल अर्थात् अपनी मृत्यु का ध्यान ही नहीं रहा। वहाँ एक हाथी आया और उसने उस कमल को चबा डाला, जिसमें वह भौंरा बन्द था। इस प्रकार उस भौंरे की इच्छा उसके मन में ही धरी रह गई और वह काल के गाल में समा गया।
अथवा
> चितै-चितै चारों ओर चौकि-चौकि परैं त्योही,
> जहाँ-तहाँ जब-तब खटकत पात है।
> भाजन सो चाहत, गँवार ग्वालिनी के कछु,
> डरनि डराने से उठाने रोम गात है ॥
> कहैं ‘पदमाकर’ सुदेखि दसा मोहन की,
> सेष हू, महेस हू, सुरेस हू, सिहात हैं।
> एक पाँय भीत, एक पाँय मीत काँधे धरैं,
> एक हाथ छींकौ एक हाथ दधि खात हैं ॥
>
उत्तर— सन्दर्भ— प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ भारती’ के ‘ब्रज-माधुरी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके कवि पद्माकर जी हैं।
प्रसंग— इस पद्यांश में कवि ने बालक कृष्ण द्वारा दही चुराने की घटना का सुन्दर चित्रण किया है।
व्याख्या— कृष्ण अपने बाल सखाओं के साथ किसी ग्वालिन के घर दही चुराने जाते हैं। वे बड़ी सतर्कता के साथ आगे बढ़ते हैं, किन्तु जब भी कहीं कोई पत्ता भी खड़कता है, चौंककर चारों ओर देखने लगते हैं। इसी बीच गाँव की एक ग्वालिन उन्हें किसी चीज का भय बताकर डरा देती है। इससे उनका पूरा शरीर रोमांचित हो उठता है और वे भाग जाना चाहते हैं।
कवि पद्माकर कहते हैं कृष्ण की यह दशा देखकर शेषनाग, शंकर एवं देवराज इन्द्र को उनसे ईर्ष्या होने लगती है। ग्वालिन के घर पहुँचकर छींके तक पहुँचने के लिए बाल-कृष्ण अपना एक पैर दीवार पर और दूसरा पैर अपने मित्र के कंधे पर रखते हैं। फिर वे एक हाथ से छींके को पकड़कर दूसरे हाथ से दही निकाल-निकालकर खाने लगते हैं।
प्रश्न 18. निम्नांकित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
मनुष्य जीवन एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। ईश्वर की कृपा से ही मनुष्य रूप में जन्म मिलता है। मनुष्य को चाहिए कि वह इस जीवन को सफल बनाए। जैसे, जीवन के लक्ष्य-धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सास्त्र सम्मत हैं, परन्तु फिर भी परोपकार करने में जो सफलता सन्निहित है यह अन्यत्र कहाँ? इसलिए यह कहा गया है कि महापुरुषों का कर्म परोपकार करना ही है। यही उन्हें महापुरुष का स्तर प्रदान करता है।
(1) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।
(2) जीवन के शास्त्र सम्मत लक्ष्य क्या हैं?
(3) महापुरुषों का कर्म क्या है?
(4) कौन-सा जीवन एक बहुत बड़ी उपलब्धि है?
(5) मनुष्य को अपना जीवन कैसा बनाना चाहिए?
उत्तर—
(1) शीर्षक— ‘परोपकार’
(2) जीवन का शास्त्र सम्मत लक्ष्य है— पुरुषार्थ की प्राप्ति अर्थात् धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति।
(3) महापुरुष का कर्म परोपकार करना है यही उन्हें महापुरुष का स्तर प्रदान करता है।
(4) मानव जीवन एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
(5) मनुष्य को अपना जीवन सफल बनाना चाहिए।
अथवा
मनुष्य के जीवन में आरोग्य का बहुत महत्व है, मनुष्य का जीवन तभी सुखी हो सकता है जब निरोग हो। जो मनुष्य निरोगी है वह सब प्रकार के पुरुषार्थ कर सकता है। जो मनुष्य रुग्ण है, जिसके शरीर में शक्ति नहीं है वह किसी प्रकार भी संसार में सुख का अनुभव नहीं कर सकता। अतः शरीर को निरोगी रखना अनिवार्य कर्तव्य है। शरीर की निरोगता व्यायाम से होती है। व्यायाम अनेक प्रकार के हैं, जैसे— घूमना, दौड़ना, तैरना, खेलना आदि। जीवन को सुखमय बनाने के लिए सद् व्यायाम करना चाहिए और शरीर को निरोगी रखना चाहिए।
(1) उपर्युक्त गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक दीजिए।
(2) मनुष्य का जीवन कब सुखमय हो सकता है?
(3) निरोग रहने के लिए क्या करना चाहिए?
(4) व्यायाम के प्रकार बताइए।
(5) शरीर को कैसा रखना अनिवार्य कर्तव्य है?
उत्तर—
(1) शीर्षक— ‘आरोग्य का महत्व’
(2) मनुष्य का जीवन तभी सुखमय हो सकता है जब वह निरोग हो।
(3) मनुष्य को निरोग रहने के लिए व्यायाम करना चाहिए।
(4) व्यायाम के प्रकार— घूमना, दौड़ना, तैरना, खेलना आदि हैं।
(5) शरीर को निरोगी रखना अनिवार्य कर्तव्य है।
♦ दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-II (2 × 6 = 12)
प्रश्न 19. पुस्तक विक्रेता से पुस्तक मँगाने हेतु पत्र लिखिए।
उत्तर—
संचालक,
अजन्ता बुक डिपो
सदर बाजार, रायपुर
महोदय,
निम्नलिखित पुस्तकें वी.पी.पी. द्वारा मुझे भेजने की कृपा करें—
* छत्तीसगढ़ भारती, कक्षा 8वीं (छ. ग. पाठ्य-पुस्तक निगम)
* गणित, कक्षा 8वीं (छ. ग. पाठ्य-पुस्तक निगम)
* विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, कक्षा 8वीं (छ. ग. पाठ्य-पुस्तक निगम)
* सामाजिक विज्ञान, कक्षा 8वीं (छ. ग. पाठ्य-पुस्तक निगम)
* अजय सुपरमोस्ट, कक्षा 8वीं (अजय प्रकाशन, रायपुर)
दिनांक : 5.2.20…
भवदीय
जगमोहन अग्रवाल
कक्षा 8 (अ)
विवेकानन्द स्कूल तिल्दा (छ. ग.)
अथवा
अपने पंचायत के सरपंच को एक पत्र लिखिए जिसमें ग्राम के समस्त घरों में शौचालय की व्यवस्था करने विषयक निवेदन हो।
उत्तर—
प्रति,
श्रीमान् सरपंच महोदय
ग्राम पंचायत, झीट (पाटन)
विषय— शौचालय की व्यवस्था हेतु
महोदय,
विनम्र निवेदन है कि स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत हमारे गाँव के कुछ ही घरों में शौचालय की व्यवस्था हो पाई है; परन्तु अधिकांश लोगों के घरों में आर्थिक अक्षमता के कारण अभी तक शौचालय की सुविधा नहीं है। अतः आप पंचायत की तरफ से कुछ आर्थिक सहयोग प्रदान कर प्रत्येक घर में शौचालय की व्यवस्था करने की कृपा करें।
धन्यवाद!
दिनांक— 20.03.20…
समस्त ग्रामवासी
ग्राम पंचायत, झीट (पाटन)
प्रश्न 20. दिए गए विषयों में से एक पर निबन्ध लिखिए—
(1) आदर्श विद्यार्थी, (2) मेरे प्रिय शिक्षक, (3) मेरी पाठशाला