हेलो दोस्तों! क्या आप भी Chhattisgarh Board Class 8th Hindi Paper 2026: SET 3 कक्षा 8वीं के छात्र हैं और 2026 की वार्षिक परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं? अगर हाँ, तो सबसे ज्यादा डर शायद आपको ‘गणित’ (Hindi) विषय से ही लग रहा होगा। है ना?
गणित एक ऐसा विषय है जिसमें अगर फॉर्मूले और कॉन्सेप्ट समझ आ जाएं, तो 100 में से 100 नंबर लाना सबसे आसान है, लेकिन अगर तैयारी सही न हो, तो पास होना भी मुश्किल हो जाता है। आपकी इसी परेशानी को दूर करने के लिए आज के इस आर्टिकल में हम Chhattisgarh Board Board Class 8th Hindi Paper 2026 को लेकर पूरी डिटेल शेयर कर रहे हैं।
Chhattisgarh Board Class 8th Hindi Paper 2026: SET 3
| Youtube Channel | Click Here |
| WhatsApp Group | Click Here |
| Instagram Channel | Click Here |
सबसे अच्छी बात यह है कि नीचे मैंने आपके लिए गणित का Set-3 मॉडल प्रश्न पत्र (Question Paper) भी दिया है। अगर आप परीक्षा से पहले इस सेट को हल कर लेते हैं, तो आपको परीक्षा के पैटर्न का पूरा अंदाज़ा हो जाएगा।
CG Board 8th Hindi Exam 2026: पेपर कैसा आएगा? (Blueprint)
प्रश्न पत्र हल करने से पहले ये जानना जरूरी है कि बोर्ड परीक्षा में प्रश्न पूछे कैसे जाते हैं। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के अनुसार, 8वीं कक्षा का गणित का पेपर मुख्य रूप से इन हिस्सों में बंटा होता है:
- बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs): 1-1 नंबर के आसान सवाल।
- अति लघु उत्तरीय प्रश्न: 2 या 3 लाइन में हल होने वाले सवाल।
- लघु उत्तरीय प्रश्न: थोड़े बड़े सवाल जिनमें फॉर्मूले का इस्तेमाल होता है।
- दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answers): 5 या 6 नंबर के बड़े सवाल (जैसे- ज्यामिति, क्षेत्रफल या ब्याज वाले सवाल)।
चलिए अब बिना आपका समय बर्बाद किए सीधे आपके प्रैक्टिस पेपर पर आते हैं।
CGBoard Class 8th Hindi Paper 2026: Chhattisgarh Board Class 8th Hindi Paper 2026: SET 3

छात्रों, नीचे दिया गया यह (Set-3) प्रश्न पत्र आपकी वार्षिक परीक्षा 2026 की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। कॉपी और पेन उठाइए और इन्हें खुद से हल करने की कोशिश कीजिए
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (15 × 1 = 15)
1.1. पानीपत का युद्ध कब हुआ—
(अ) 1769 (ब) 1761 (स) 1751 (द) 1787.
उत्तर—(ब) 1761.
1.2. माता-पिता में समास है—
(अ) कर्मधारय समास (ब) द्विगु समास
(स) तत्पुरुष समास (द) द्वन्द्व समास।
उत्तर—(द) द्वन्द्व समास।
1.3. प्रस्थान शब्द का विलोम है—
(अ) रुकना (ब) आगमन (स) बैठना (द) बोलना।
उत्तर—(ब) आगमन।
1.4. अमृत का घूँट पीने का अर्थ है—
(अ) अमर होना (ब) अपमानित होना
(स) मृत्यु होना (द) शर्मिंदा होना।
उत्तर—(अ) अमर होना।
1.5. समीर का समानार्थी शब्द है—
(अ) हवा (ब) गगन (स) पानी (द) मिट्टी।
उत्तर—(अ) हवा।
1.6. किन्नरों को ……….. के नाम से जाना जाता है।
उत्तर— तृतीय लिंग।
1.7. भौंरा ……….. में बंद हो गया।
उत्तर— कमल।
1.8. लम्बे समय तक जीवित रहने वाले व्यक्ति को ……….. कहते हैं।
उत्तर— दीर्घजीवी।
1.9. अँधियार के उल्टा अर्थ …….. है।
उत्तर— उजियारा।
1.10. आदेशात्मक सड़क चिह्न …….. आकृति के होते हैं।
उत्तर— गोल।
1.11. अर्थ लिखिए— (अ) मनखे, (ब) मीत।
उत्तर— (अ) मनखे — मनुष्य, (ब) मीत — मित्र।
1.12. मुहावरों का अर्थ लिखिए— (अ) राम कहानी सुनाना, (ब) कोल्हू का बैल।
उत्तर— (अ) राम कहानी सुनाना — आप बीती बताना।
(ब) कोल्हू का बैल — कठिन परिश्रम करने वाला।
1.13. विलोम शब्द लिखिए— (अ) अप्रिय, (ब) अहित।
उत्तर— (अ) अप्रिय — प्रिय, (ब) अहित — हित।
1.14. निम्नलिखित बातें किसके लिए कही गई हैं—
(1) जो शख्स कागज से रुपए तथा हवा से मिठाई बना लेता हो उसकी यह दुर्दशा।
उत्तर— जादूगर के लिए कही गई है।
(2) मैं राणा साँगा की तरह यहाँ-वहाँ से घायल हो गया।
उत्तर— पहलवान के लिए कही गई है।
1.15. ‘बाज’ प्रत्यय जोड़कर दो नए शब्द बनाइए।
उत्तर— (अ) पतंग + बाज = पतंगबाज
(ब) चाल + बाज = चालबाज।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न (6 × 2 = 12)
प्रश्न 2. कविता में कवि के ‘प्राण-प्राण गा उठे’ कहने का क्या आशय है?
उत्तर— कविता में कवि के प्राण-प्राण गा उठे कहने का आशय यह है कि—लोग बुराइयों का परित्याग कर अच्छे कार्य करें, ज्ञान का प्रकाश चारों ओर फैलाएँ जिससे निरक्षरता अन्धकार मिटे और ज्ञान की रोशनी से हमारा देश जगमगा उठे। कोई किसी दूसरे पर आश्रित न रहे। सभी के चेहरे खुशियों से खिल उठे और प्रसन्नता के गीत गाएँ।
प्रश्न 3. यदि अपनी जान बचाने के लिए इब्राहीम तौबा कर लेता, तो आप उसके सम्बन्ध में क्या राय बनाते?
उत्तर— यदि अपनी जान बचाने के लिए इब्राहीम तौबा कर लेता तो हम उसे कायर एवं स्वार्थी कहते।
प्रश्न 4. संजू की दीदी ने पिकनिक में क्या-क्या करतब दिखाए?
उत्तर— संजू की दीदी ने पिकनिक में कुछ करतब दिखाए जिसने जो फल चाहा, उसे उसी फल की खुशबू सुँघा दी। जो मिठाई माँगी वही चखा दी।
प्रश्न 5. कुँवर सिंह ने अपनी बाँह काटकर गंगा जी को क्यों अर्पित कर दी?
उत्तर— गंगा नदी पार करते समय कुँवर सिंह की बाँह में फिरंगी सेना की गोली आकर लगी, जिससे उनकी बाँह में गहरा घाव हो गया था। अतः कुँवर सिंह ने फिरंगी की गोली के घाव से सड़ती हुई भुजा को अलग कर देना उचित समझा। इस कारण उन्होंने अपनी बाँह काटकर गंगा जी को अर्पित कर दी।
प्रश्न 6. हिरोशिमा और नागासाकी नामक स्थान कहाँ स्थित है?
उत्तर— हिरोशिमा और नागासाकी नामक स्थान जापान देश में स्थित है।
प्रश्न 7. ब्रिटिश सरकार द्वारा सावित्री बाई फुले को किन-किन कार्यों हेतु सम्मानित किया गया?
उत्तर— दुष्कर्म पीड़ित महिलाओं के लिए प्रतिबंधक गृह स्थापना, विधवा पुनर्विवाह का प्रारम्भ तथा भ्रूण हत्या रोकने जैसे अनेक राष्ट्रव्यापी अभियानों के कारण ब्रिटिश सरकार द्वारा सावित्री बाई फुले को सम्मानित किया गया।
लघु उत्तरीय प्रश्न-I (5 × 3 = 15)
प्रश्न 8. सुधीर मन-ही-मन श्रीकान्त से ईर्ष्या क्यों करता था?
उत्तर— श्रीकान्त एक शरीफ और होशियार विद्यार्थी था। पढ़ाई में भी वह अच्छा था। कक्षा के सभी लड़के उससे प्रभावित थे एवं सभी उसके दोस्त बन गए थे। इस कारण सुधीर मन-ही-मन उससे ईर्ष्या करता था।
प्रश्न 9. संसार म कोन मनखे के बदनामी होथे? (संसार में किस मनुष्य की बदनामी होती है?)
उत्तर— जेन मनखे ह बड़ी मन ला घोलंड के जोहारथे, संसार म ओखर बदनामी होथे। (जो मनुष्य शत्रुओं को दंडवत् प्रणाम करता है, संसार में उसकी बदनामी होती है।)
प्रश्न 10. चिड़ियों को यात्रा के दौरान किन बातों का खतरा रहता है?
उत्तर— चिड़ियों को यात्रा के दौरान आक्रामक तथा बुरे मौसम—आँधी, अंधड़ में फँस जाती हैं, विशेष रूप से जब वे ऊँचाई पर उड़ रही होती हैं। इसमें बहुत-सी चिड़ियाँ मर जाती हैं। यात्रा हमेशा कठिन होती है।
प्रश्न 11. कवि वैज्ञानिकों से किस प्रकार की अनुभूति की अपेक्षा करता है और क्यों?
उत्तर— कवि वैज्ञानिकों से अपेक्षा करते हैं कि वे आविष्कार से पहले उनके विनाशकारी परिणामों से अच्छी तरह परिचित हो जावें।
प्रश्न 12. देश की पहली बालिका विद्यालय की संचालिका के रूप में सावित्री बाई फुले को क्यों जाना जाता है?
उत्तर— सावित्री बाई फुले अपने पति के साथ मिलकर वंचित वर्ग और स्त्रियों को शिक्षा देने के लिए एक विद्यालय की स्थापना की, लेकिन इसका काफी विरोध हुआ। धर्म के ठेकेदार, स्त्री शिक्षा के विरोधी सावित्री को अश्लील गालियाँ देते थे। जब वे स्कूल जाती थीं तो लोग रास्ते में उन पर गोबर, कीचड़ फेंक देते थे, लेकिन सावित्री बाई का आत्मविश्वास कभी नहीं डगमगाया। इसलिए देश की पहली बालिका विद्यालय की संचालिका के रूप में सावित्री बाई फुले को जाना जाता है।
लघु उत्तरीय प्रश्न-II (4 × 4 = 16)
प्रश्न 13. घण्टी बजाने वाले को नौकरी से क्यों निकाल दिया गया?
उत्तर— घण्टी बजाने वाले को नौकरी से निकाल दिया गया, क्योंकि उसकी नौकरी बीस वर्ष के बाद भी कच्ची थी और उसकी जगह एक नया आदमी आ गया जो हेडमास्टर साहब के घर मुफ्त में पानी भरा करता था।
प्रश्न 14. थके हुए लेखक के मन में हेडमास्टर जी के घर ठहरने को लेकर कौन-कौन सी भावनाएं उठ रही थीं?
उत्तर— थके हुए लेखक सोच रहे थे कि आगे के कस्बे में हेडमास्टर जी के घर पहुँचकर यदि मिलेगा तो गरम-गरम पानी से पैर धोऊँगा हो सकता है गरम तेल भी मलने को मिल जाए और कहीं गरम दूध मिल जाए तो क्या कहना।
प्रश्न 15. विकासक्रम में पीछे कौन-से वर्ग हैं और क्यों?
उत्तर— विकासक्रम में पीछे तृतीय लिंग समुदाय वर्ग है, क्योंकि वे अपने सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास नहीं कर सकते। साथ में इनके प्रति लोगों की संकुचित सोच भी है।
प्रश्न 16. किसी के द्वारा प्रयोग किए गए कठोर वचन शरीर में चुभते हैं क्यों? उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर— किसी के द्वारा प्रयोग किए गए कठोर वचन शरीर में चुभते हैं, क्योंकि कोई भी इंसान कठोर वचन सुनना पसन्द नहीं करता। सभी इंसान प्रेम के भूखे हैं। सभी मधुर वाणी सुनना चाहते हैं। उदाहरण स्वरूप महाभारत काल की एक घटना है, जब पाण्डवों की रानी द्रौपदी ने कौरवों पर व्यंग्य करते हुए कहा था कि “अंधे के पुत्र अंधे ही होते हैं।” यह बात दुर्योधन को चुभ गई थी और इसी का दुष्परिणाम था कि महाभारत का विनाशकारी युद्ध हुआ।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-I (2 × 5 = 10)
प्रश्न 17. दिए गए पद्यांश में से किसी एक पद्यांश का सन्दर्भ, प्रसंग सहित अर्थ लिखिए।
चिते-चित्तै चारों ओर चौंकि-चौंकि परैं त्योही,
जहाँ-तहाँ जब-तब खटकत पात है।
भाजन सो चाहत, गँवार ग्वालिनी के कछु,
डरनि डराने से उठाने रोम गात है ॥
कहें ‘पद्माकर’ सुदेखि दसा मोहन की,
सेष दू, महेस दू, सुरेस दू, सिहात हैं।
एक पाँय भीत, एक पाँय मीत काँधे धरै,
एक हाथ छींौँ एक हाथ दधि खात हैं ॥
उत्तर— सन्दर्भ— प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ भारती’ के ‘ब्रज-माधुरी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके कवि पद्माकर जी हैं।
प्रसंग— इस पद्यांश में कवि ने बालक कृष्ण द्वारा दही चुराने की घटना का सुन्दर चित्रण किया है।
व्याख्या— कृष्ण अपने बाल सखाओं के साथ किसी ग्वालिन के घर दही चुराने जाते हैं। वे बड़ी सतर्कता के साथ आगे बढ़ते हैं, किन्तु जब भी कहीं कोई पत्ता भी खड़कता है, चौंककर चारों ओर देखने लगते हैं। इसी बीच गाँव की एक ग्वालिन उन्हें किसी चीज का भय बताकर डरा देती है। इससे उनका पूरा शरीर रोमांचित हो उठता है और वे भाग जाना चाहते हैं।
कवि पद्माकर कहते हैं कृष्ण की यह दशा देखकर शेषनाग, शंकर एवं देवराज इन्द्र को उनसे ईर्ष्या होने लगती है। ग्वालिन के घर पहुँचकर छींके तक पहुँचने के लिए बाल-कृष्ण अपना एक पैर दीवार पर और दूसरा पैर अपने मित्र के कंधे पर रखते हैं। फिर वे एक हाथ से छींके को पकड़कर दूसरे हाथ से दही निकाल-निकालकर खाने लगते हैं।
अथवा
पंकज कोस में भृंग फस्यौ, करतौ अपने मन यों मनसूबा।
होइगो प्रात उगैंगै दिवाकर, जाऊँगो धाम पराग लै खूबा॥
‘बेनी’ सो बीच ही और भई, नहिं काल को ध्यान न जान अजूबा।
आय गयंद चबाय लियौ, रहिगो मन-ही-मन यों मनसूबा॥
उत्तर— सन्दर्भ— प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ भारती’ के ‘ब्रज-माधुरी’ नामक पाठ से लिया गया है। इसके कवि बेनी जी हैं।
प्रसंग— इस पद्यांश में कवि ने कमल कोश में फँसे भौंरे के माध्यम से जीवन की नश्वरता को बताया है।
व्याख्या— सूर्यास्त होने पर, कमल-दल के संकुचित हो जाने पर एक भौंरा उसके कोश में फँस गया। वह मन-ही-मन इस प्रकार सोचने लगा कि कल प्रातः जब सूर्योदय होगा और कमल पुनः विकसित हो जाएगा तो मैं बहुत-सा पराग लेकर अपने घर चला जाऊँगा, अर्थात् उड़ जाऊँगा। बेनी कवि कहते हैं कि इसी बीच एक और ही घटना घट गई। इसमें कोई अचरज नहीं कि उस भौंरे को काल अर्थात् अपनी मृत्यु का ध्यान ही नहीं रहा। वहाँ एक हाथी आया और उसने उस कमल को चबा डाला, जिसमें वह भौंरा बन्द था। इस प्रकार उस भौंरे की इच्छा उसके मन में ही धरी रह गई और वह काल के गाल में समा गया।
प्रश्न 18. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए—
मनुष्य जीने के लिए है और वह जीना भी चाहता है। जीने से हमारा मतलब उल्लासपूर्ण जिंदगी से है, किन्तु वह कौन-सी कला है कि वह उल्लासपूर्ण जिंदगी जी सके। यह कला बहुत ही साधारण कला है, जिसके लिए न किसी तप की आवश्यकता है और किसी योग-साधन की। वह कला है, दूसरों के लिए जीएँगे तो हमारी जिंदगी दूसरों की हो जाएगी और लोग हमसे प्यार करने लगेंगे, जिससे आनन्द के सारे द्वार खुल जाएँगे।
(1) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।
(2) मनुष्य किस प्रकार की जिंदगी जीना चाहता है।
(3) जीने की सबसे अच्छी कला क्या है?
(4) उक्त गद्यांश का सार तीन पंक्तियों में लिखिए।
(5) इस गद्यांश में जीने से क्या मतलब है?
उत्तर— (1) शीर्षक—जीने की कला।
(2) मनुष्य, उल्लासपूर्ण जिंदगी जीना चाहता है।
(3) दूसरों के लिए जीना ही जीने की सबसे अच्छी कला है।
(4) जीने की सबसे अच्छी कला है कि हम दूसरों के लिए जिएँ अपने लिए नहीं। जब हम दूसरों के लिए जिएँगे तो वह हमारी जिंदगी हो जाएगी और लोग हमसे प्यार करने लगेंगे, जिससे जिन्दगी आनन्दपूर्ण हो जाएगी।
(5) इस गद्यांश में जीने से मतलब उल्लासपूर्ण जिंदगी से है।
अथवा
दहेज एक ऐसा अभिशाप है, जिससे मुक्ति मिलनी ही चाहिए वरना यह समाज नष्ट हो जाएगा। दहेज नारी जाति का अवमूल्यन है, अपमान है और अपराध है। यदि इस प्रथा को रोका नहीं गया तो गृह कलह, तलाक, आत्महत्या जैसी समस्याओं से ग्रसित होकर राष्ट्र पतनोन्मुख हो जाएगा। यहाँ तो मानवता से पलायन कर जाएँगे। मनुस्मृति में कहा गया है— ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ अर्थात् जहाँ नारी की पूजा होती है वहाँ देवता निवास करते हैं।
(1) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक दीजिए।
(2) दहेज प्रथा से समाज को क्या हानि है?
(3) दहेज प्रथा के कारण समाज और राष्ट्र को क्या-क्या भोगना पड़ेगा?
(4) जहाँ नारी को सम्मान प्राप्त होता है, वहाँ कौन निवास करता है?
(5) दहेज प्रथा से कौन-कौन सी समस्याएँ होती हैं?
उत्तर— (1) शीर्षक— ‘दहेज एक अभिशाप’ है।
(2) समाज में यदि दहेज प्रथा जारी रही है, तो नारी का अवमूल्यन होता जाएगा, उसका अपमान भी होता रहेगा और अपराध बढ़ जाएँगे। आए दिन घर में झगड़े होते रहेंगे। तलाक और आत्म-हत्याएँ होंगी।
(3) दहेज प्रथा के कारण राष्ट्र पतन की ओर चला जाएगा।
(4) जहाँ नारी का सम्मान प्राप्त होता है वहाँ देवता निवास करते हैं।
(5) दहेज प्रथा से गृह कलह, तलाक, आत्महत्या जैसी समस्याएँ होती हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-II (2 × 6 = 12)
प्रश्न 19. अपने क्षेत्र में बिजली से उत्पन्न कठिनाइयों का वर्णन करते हुए बिजली प्रबन्धक को एक पत्र लिखिए।
उत्तर—
प्रति,
वरिष्ठ विपणन अभियंता
छ. ग. वि. मं. डंगनिया, रायपुर
विषय— बिजली संकट से उत्पन्न समस्या हेतु पत्र।
मान्यवर जी,
मैं महेश चौधरी डंगनिया क्षेत्र का निवासी हूँ। हमारे क्षेत्र में आए दिन बिजली कटौती होती रहती है। बिजली की कटौती के कारण बच्चों की पढ़ाई में बहुत व्यवधान उत्पन्न होता है। वे ढंग से न पढ़ पाते हैं न सो पाते हैं। बच्चों की परीक्षा नजदीक आ रही है। इसके अलावा रात में चोरी होने का भी डर बना रहता है।
अतः आपसे प्रार्थना है कि आप इस समस्या का निराकरण करने की कृपा करें।
धन्यवाद!
दिनाँक : 20.10.20….
प्रार्थी
महेश चौधरी
डंगनिया, रायपुर
अथवा
अपनी निर्धनता का उल्लेख करते हुए शाला शुल्क मुक्ति हेतु अपने प्रधानाध्यापक महोदय को एक आवेदन पत्र लिखिए।
उत्तर—
सेवा में,
श्रीमान प्रधानाध्यापक महोदय,
शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय,
नगपुरा (दुर्ग)
विषय— शुल्क मुक्ति हेतु आवेदन पत्र।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं कक्षा 8वीं (अ) का एक निर्धन छात्र हूँ। मेरे पिताजी की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण मैं शाला-शुल्क जमा करने में असमर्थ हूँ। यदि शाला शुल्क जमा करने से मुक्ति नहीं मिली तो मुझे विवश होकर पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी जिसके कारण मेरा भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
अतः श्रीमान् जी से निवेदन है कि मेरी निर्धनता को देखते हुए शाला शुल्क से मुक्ति प्रदान करने का कष्ट करें।
धन्यवाद!
दिनाँक— 15.02.20….
आज्ञाकारी शिष्य
लक्ष्य वर्मा
कक्षा— 8वीं (अ)
प्रश्न 20. दिए गए विषयों में से एक विषय पर निबन्ध लिखिए—
(1) मोबाइल क्रान्ति
(2) वृक्षों की उपयोगिता
(3) अनुशासन का महत्त्व